Sun 15 Apr 2007
वो वक़à¥à¤¤ मेरी जान बहà¥à¤¤ दूर नहीं है
जब दरà¥à¤¦ से रà¥à¤• जायेंगी सब ज़ीसà¥à¤¤ की राहें
और हद से गà¥à¤œà¤¼à¤° जायेगा अनà¥à¤¦à¥‹à¤¹à¥‡-निहानी
थक जायेंगी तरसी हà¥à¤ˆ नाकाम निगाहें
छिन जायेंगे मà¥à¤à¤¸à¥‡ मेरे आंसू मेरी आहें
छिन जायेगी मà¥à¤à¤¸à¥‡ मेरी बेकार जवानी
शायद मेरी उलà¥à¤«à¤¼à¤¤ को बहà¥à¤¤ याद करोगी
अपने दिले-मासूम को नाशाद करोगी
आओगी मेरी गोर पे तà¥à¤® अशà¥à¤• बहाने
नौखे़ज़ बहारों के हसीं फूल चढ़ाने
शायद मेरी तà¥à¤°à¤¬à¤¤ को à¤à¥€ ठà¥à¤•रा के चलोगी
शायद मेरी बेसूद वफ़ाओं पे हंसोगी
इस वज़’à¤-करम का तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पास न होगा
लेकिन दिले-नाकाम को à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ न होगा
अलक़िसà¥à¤¸à¤¾ माआले-ग़मे-उलà¥à¤«à¤¼à¤¤ पे हंसो तà¥à¤®
या अशà¥à¤• बहाती रहो, फ़रियाद करो तà¥à¤®
माज़ी पे नदामत हो तà¥à¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ या कि मसरà¥à¤°à¤¤
खा़मोश पड़ा सोà¤à¤—ा बामांदा-à¤-उलà¥à¤«à¤¼à¤¤
फैज़
Â
जीसà¥à¤¤-जीवन
अनà¥à¤¦à¥‹à¤¹à¥‡-निहानी-à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ दà¥à¤–
नाशाद–कबà¥à¤°
अशà¥à¤•-आंसू
नौख़ेज़-नई
तà¥à¤°à¤¬à¤¤-कबà¥à¤°
वज़’à¤-करम-करम का ढंग
अलकि़सà¥à¤¸à¤¾- संकà¥à¤·à¥‡à¤ª
माआले-गमे-उलà¥à¤«à¤¤-पà¥à¤°à¥‡à¤® के दà¥à¤– के परिणाम से
माज़ी पे- अतीत पर
बामांदा-à¤-उलफत- पà¥à¤°à¥‡à¤® के हाथों से शà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤