Sun 15 Apr 2007
बहार आई तो जैसे à¤à¤• बार
लौट आठहैं फिर अदम से
वो खà¥à¤¹à¥à¤µà¤¾à¤¬ सारे, शबाब सारे
जो तेरे होंठों पे मर मिटे थे
जो मिट के हर बार फिर जिठथे
निखर गये हैं गà¥à¤²à¤¾à¤¬ सारे
जो तेरी यादों से मà¥à¤¶à¥à¤•बू हैं
जो तेरे उशà¥à¤¶à¤¾à¤• का लहू हैं
उबल पड़े हैं अज़ाब सारे
मलाल-à¤-अहवाल-à¤-दोसà¥à¤¤à¤¾à¤‚ à¤à¥€
खà¥à¤®à¤¾à¤°-à¤-आगोश-à¤-महवशां à¤à¥€
गà¥à¤¬à¤¾à¤°-à¤-खातिर के बाब सारे
तेरे हमारेसवाल सारे, जवाब सारे
बहार आई तो खà¥à¤² गये हैं
नये सिरे से हिसाब सारे।